Kajah Kazwa Lunch: पहली बार भारत में निर्मित एमपीवी हुआ लॉन्च, जाने खूबियां : सभी कार्य निर्माता के लिए भारत एक प्रमुख देश है। भारत एक ऐसा देश है जहां पर प्रत्येक देश की कंपनी है अपनी कारों को लॉन्च करती है। साथ ही यहां के लोग इनकार को खरीद कर उसका उपयोग भी करते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में मौजूद कार्य निर्माता है कंपनी दरअसल भारतीय कंपनी नहीं है। लेकिन फिर भी वह भारतीयों के लिए कर का निर्माण करते हैं और लोगों के बीच प्रस्तुत करते हैं। 90 के दशक तक भारत में हिंदुस्तान मोटर्स और मारुति जैसे ब्रांड ही मौजूद थे।
भारत के केरल में स्थित एक बीड़ी निर्माता और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के एक मलिक ने नेपाली बार ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में निवेश करने का मन बनाया। तभी उन्होंने भारत में बिल्कुल नया कार विकसित किया जिसका नाम था का जवाब। लेकिन कई कारणों से वह गजवा एमपीवी कार नहीं बेच पाए। आज हम आपको इस कर की एक वीडियो दिखने वाले जिसका लिंक नीचे दिया गया है। इस वीडियो को टॉकिंग कोर्स के नाम के एक व्यक्ति ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया है। जिसमें एमपीवी के इतिहास, डिजाइन, आंतरिक और बाहरी भाग के बारे में बता रहे हैं।
काजह कवजा की पूरी कहानी
देश में काजह काज़वा का केवल तीन ही मॉडल बचा हुआ है। यूट्यूब पर द्वारा वीडियो के माध्यम से एमपीवी के एक्सटीरियर और इंटीरियर भाग को साफ तौर से बताया गया है। इस कार का निर्माण सबसे पहले राजा कंपनी द्वारा किया गया था। जो कि केरल में एक तंबाकू आधारित कंपनी थी। या कंपनी तंबाकू के साथ-साथ आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी एक खिलाड़ी थी। यह कंपनी भारतीय ऑटोमोबाइल में जाकर अपने व्यवसाय को विस्तार करना चाहती थी।
इसी कारण 1998 में काजह काज़वा की चार से पांच प्रोटोटाइप कार बनाकर ऑटोमोबाइल के क्षेत्र प्रवेश करने की कोशिश की। यह बात लगभग टोयोटा के ऑटोमोबाइल में आने से पहले की बात है। हालांकि काजह काज़वा मैं विभिन्न कर्म के कारण सरकार से मंजूरी नहीं मिल सकी।
काजह काज़वा कार को तैयार करने के लिए उन्होंने मार्केट से कई सामान मंगवाए थे। क्योंकि उनका मानना था कि इन चीजों को स्वयं से बनाने की तुलना में खरीदना सस्ता पड़ेगा। काजह काज़वा एमसीबी के बाहरी हिस्सा पूरी तरह से फाइबर ग्लास और सेट मेटल का उपयोग करके बनाया गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि काजह काज़वा कि आज भी फाइबर ग्लास पैनल बनने की व्यवसाय है। टाटा मार्को पोलो और अशोक लीलैंड जैसी कर कंपनियां आज भी काजह से पैनल मांगती है।
Kajah Kazwa Front View
एमपीवी के फ्रंट में एक लोगों मिलता है जो इंफिनिटी साइन जैसा दिखता है। 1998 में रिलीज हुई एक एमपीवी के लिए Kajah Kazwa काफी इंस्पायरिंग लग रही थी। एमपीवी को बैगनी रंग से कलर किया गया था जो आजकल कारों पर बहुत ही आम रंग नहीं है। आज भी यह कार पुराना नहीं लगता है।
गाड़ी के साइड व्यू की बात करें तो एमपी भी में 13 इंच के वायर स्पोक व्हीकल मिलता है जो उन्होंने खुद ही निर्माण किए हैं। एमपीवी में कोई स्लाइडिंग दरवाजा नहीं है और कर के निचले हिस्से पर एक क्लैड्डिंग है।
Kajah Kazwa interior view
Kajah Kazwa प्रथम निर्माण के बाद भी इसमें कई तरह की फीचर उपलब्ध किए गए थे। एमपीवी को अंदर से काफी मजबूत बनाया गया है जिसमें पावर स्टीयरिंग, पावर विंडो और सेंट्रल लॉकिंग जैसे सुविधा दिया गया था। इसके निचले हिस्से मैं दिया गया विंडो काफी हवादार बनाने में मदद कर रही थी। सीट कपड़े की बनी होती थी जो काफी चौरी, जिस पर बैठने में भरपूर सहारा देती थी। Kajah Kazwa की डाइमेंशन टोयोटा इनोवा से अधिक थी।
Kajah Kazwa Engine
Kajah Kazwa मैं लगाई गई इंजन हिंदुस्तान मोटर्स द्वारा ली गई थी। इसलिए इसके बारे में ज्यादा जानकारी मौजूद नहीं है। Kajah Kazwa ब्रेक और एक्सपेंशन भी हिंदुस्तान मोटर्स की देन है। यह कार ऐसे करो में शामिल है जो अपने ग्राहकों को वैकल्पिक सुविधा प्रदान करता था। तेल व्हील, पावर ओ आर सी एम बी कुछ उन वैकल्पिक अतिरिक्त थे, Kajah Kazwa को दो इंजन के साथ पेश किया गया था जिसमें 2 लीटर टर्बोचार्ड और 2.0 लीटर नॉन तोरविक डीजल आता था।